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भारत ऐसा देश है जहाँ अगर वैलेंटाइन डे आता है तो उसके साथ ही बजरंग दल का नाम तो जरुर आता है, बजरंग दल 1984 को अस्तित्व में आया था और वर्तमान में राजेश पांडे इसके अध्यक्ष है ये राष्ट्रीय स्वयमसेवक संघ और विश्व हिन्दू परिषद का युवा चेहरा है जिसमे दक्षिणपंथी विचारधारा के समर्थक लोग मौजूद  है और ये लोग वैलेंटाइन डे के घोर विरोधी है अभी हाल ही में कुछ दिनों में वैलेंटाइन डे आने को है और प्रेमी जोड़े पहले से ही उनसे खौफ खाने लगे है, चलिए अब जानते है क्यों करता है बजरंग दल इसका विरोध ?

बजरंग दल शुद्ध हिन्दू संस्कृति का संगठन है और किसी भी पश्चिमी सभ्यता के त्योहार का विरोध करता है, बजरंग दल की मान्यता के अनुसार इस तरह के त्यौहार मना लेने से हिन्दू संस्कृति खतरे में आ सकती है,शादी से पहले किसी भी तरह के सम्बन्ध इस विचारधारा के तहत गलत माने जाते है  लेकिन वामपंथी लोग इस पर अलग ही तर्क देते है,

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वामपंथ फिलहाल देश भर में सिकुड़ चुकी विचारधारा है लेकिन इससे जो भी लोग जुड़े है वो बड़ी ही निश्चयता से जुड़े है इसके दो सबसे गढ़ पश्चिम बंगाल और JNU कहे जाते है वामपंथ बाहर से आयी विचारधारा है इसलिए उनका मानना है कि बाहर से आयी कोई भी चीज बुरी नहीं होती है इसलिए वैलेंटाइन डे मनाने में भी कोई बुराई नही है, वामपंथ के संघटन इसके अलावा किस ऑफ़ लव जैसे त्यौहार का भी समर्थन करता रहा है

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दोनों ही विचारधाराए अपने अपने तरह के लोगो के साथ आजादी के बाद से ही डटी हुई है और आज भी इनके बीच का द्वन्द युद्ध जारी है लेकिन बीजेपी सरकार आने के बाद ये कहना भी गलत नही होगा कि दक्षिणपंथी और ज्यादा मजबूत हुए है

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