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हिन्दू मुस्लिम दोनों ही अलग अलग धर्म है और दोनों की ही प्रथाए रीतियाँ एक दुसरे से बिलकुल अलग है लेकिन इस बार यूपी में जो देखने को मिला है वो तो एकदम अलग ही चीज है भई, और उत्तरप्रदेश के गोरखपुर से लगभग 30 किलोमीटर दूरी पर एक गाँव पड़ता है जिसका नाम है सरिया तिवारी गाँव में भोलेनाथ का एक अच्छा ख़ासा सुन्दर सा मंदिर भी है अब आप कहेंगे ऐसा क्या है इस मंदिर में जो इस तरह से बताया जा रहा है? दरअसल इस मंदिर की खासियत ये है कि यहाँ पर हिन्दुओ के साथ साथ मुस्लिम भी शिवलिंग की पूजा करते है, लेकिन क्यों ?

दरअसल इसके पीछे भी सदियों पुराना एक इतिहास है सदियों से हिन्दू और मुस्लिम दोनों ही इस मंदिर में पूजन कार्य करते आये है बिना किसी दबाव या भेदभाव के तो चलिए आज आपके सामने इतिहास को वो सबसे बड़ा पन्ना खोलेंगे जिसमे इस मंदिर का राज दफ़न है

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आज से सैकड़ो वर्ष पहले अफगानी और अरबी हमलावरों का बोलबाला था तब एक हमलावर जिसका नाम महमूद गजनवी था वो भारत पर आक्रमण करने आया और करते करते इस गाँव तक आ पहुंचा उसने हिन्दू मंदिरों को नष्ट करने की भी भरपूर कोशिश की इस के बाद उसने इस शिवलिंग को उखाड़ फेंकने में भी सेना लगा दी लेकिन वो टस से मस तक न हुआ तो उसका अपमान करने के लिए उसपर कोई कलमा लिख गया ताकि वो फिर पूजनीय न रहे लेकिन बादमे जो हुआ

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वो और भी आश्चर्य करने वाला था अब उस शिवलिंग की पूजा सिर्फ हिन्दू नही करते थे बल्कि मुस्लिम भी उसमे शामिल हो गये और आज सालो बीत गये ये सिलसिला यूँही चला आ रहा है और उम्मीद करते है चलता ही चला जाएगा, आप इस गाँव में जाकर गाँव वालो से इसकी हकीकत जान सकते है वो आपको एक एक बात साफ़ शब्दों में बता सकते है जैसे कि यहाँ पर लिखी गयी है

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