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अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव के बीच कलह क्लेश की खबरे लम्बे समय से आ रही थी लेकिन आज तो हद हो गयी है, अगर आपको पहले की घटना की जानकारी न हो तो यादव परिवार में काफी लम्बे समय से क्लेश चल रहा है और खींचतान बहुत ही ज्यादा बढ़ चुकी है इसके बाद अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया वो भी पूरे 6 वर्ष के लिए, मुलायम सिंह के इस फैसले के खिलाफ कई आवाजे उठने लगी दो दिन से काफी खींचतान चल रही थी और अखिलेश को अब सीएम पद पर बने रहने के लिए अपना बहुमत साबित करना जरुरी था सपा परिवार बिखर चुका था

अगर आपको मालूम हो तो सपा के कुल 224 विधायक है जिसमे से एक बार के लिए अगर अखिलेश के साथ आधे से भी ज्यादा विधायक आ जाते तो अखिलेश आगे जैसे तैसे धीरे धीरे काम बना लेते लेकिन अब जो हुआ वो किसीने सोचा भी नहीं था

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अब विधायको को तय करना था कि वो मुलायम सिंह के पाले में जाए या फिर अखिलेश यादव के पाले में, आप यकीन नहीं करेंगे लेकिन यही सच है आज अखिलेश यादव के पास 220 विधायक समर्थन देने पहुँच गये जबकि मुलायम सिंह के हिस्से में बचे कुचे इक्के दुक्के उनके विश्वासपात्र, इससे दुनिया के सामने ये बात आ गयी कि अब सपा मुलायम सिंह यादव के बस में नहीं रह गयी है वो सिर्फ कहने भर के सुप्रीमो के है अगर अखिलेश चाहे तो अभी सपा को अपने कब्जे में ले सकते है, और सीएम बने रह सकते है

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खैर मामले को हाथ से फिसलते देखते हुए मुलायम सिंह यादव ने निलंबन वापिस ले लिया और अखिलेश को दुबारा पार्टी में शामिल कर लिया लेकिन क्या इस घटना के बाद मुलायम सिंह का सपा में वही कद बना रहेगा?

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